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शनिवार, 30 नवंबर 2013

तू वही है.....ग़ज़ल ....डा श्याम गुप्त ....



तू वही है.....ग़ज़ल


तू वही है 
तू वही है |

प्रश्न गहरा ,
तू कहीं है |

तू कहीं है
या नहीं है |

कौन कहता ,
तू नहीं है |

है भी तू,
है भी नहीं है |

जहाँ ढूंढो ,
तू वहीं है |

तू ही तू है,
सब कहीं  है |

जो कहीं है ,
तू वहीं है |

वायु जल थल ,
हर कहीं है |
  
' मैं' जहां है,    
'तू' नहीं है |

'तू' जहां है ,
'मैं' नहीं है |

प्रश्न का तो,
हल यही है |

तू ही तू है,
तू वही है |

मैं न मेरा,
सच यही है |

तत्व सारा,
बस यही है |

 मैं वही हूँ ,
तू वही है |

बसा हरसू ,
श्याम ही है |

श्याम ही है,
श्याम ही है ||








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