माँ शारदे आराधना ही, ज्ञान का आधार है,
माँ वाग्देवी, वीणा वादिनि ज्ञान का भण्डार है |
माता सरस्वति, मातु वाणी ज्ञान का आगार है,
वागीश्वरी माँ साधना ही काव्य का संसार है||
हम हैं शरण में आपकी माँ ज्ञान के स्वर दीजिये ,
वातावरण सुख-शान्ति का हो जगत में वर दीजिये |
कवि हो सुहृद ,समर्थ ,सात्विक सौख्य स्वर परिपूर्ण हो,
साहित्य हो सुन्दर शिवम् सत,तथ्य शुचि सम्पूर्ण हो ||
----चित्र गूगल साभार....
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