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मंगलवार, 27 अगस्त 2013

!! जी रहा आदमी !! (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कविता को साफ-साफ पढ़ने के लिए
कृपया फ्रेम पर क्लिक कर लें।



7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूबसूरत गीत
    पानी बिकने लगा अब दूध के भाव पर
    कौन मरहम लगाये अब घाव पर

    बहुत खूब.

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  2. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय-

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  3. सच ..दुनियादारी में अब तो दमन ही रहा....
    आदरणीय शास्त्री जी सच को शब्दों में सुन्दरता से पिरोये हैं ...सादर !

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  4. सुन्दर प्रस्तुति-बहुत खूबसूरत गीत

    उत्तर देंहटाएं