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मंगलवार, 22 नवंबर 2016

अखिल भारतीय अगीत परिषद् एवं नवसृजन साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक सरस काव्य गोष्ठी -डा श्याम गुप्त


अखिल भारतीय अगीत परिषद् एवं नवसृजन साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक सरस काव्य गोष्ठी -डा श्याम गुप्त


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                                          साहित्यिक गोष्ठी संपन्न 


                          दि. २०-११-२०१६ रविवार को अखिल भारतीय अगीत परिषद् एवं नवसृजन साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक सरस काव्य गोष्ठी सिटी कान्वेंट स्कूल, राजाजीपुरम के सभागार में आयोजित हुई | गोष्ठी की अध्यक्षता अ.भा.अगीत परिषद् के अध्यक्ष साहित्यभूषण डा रंगनाथ मिश्र सत्य ने की, मुख्य अतिथि डा श्याम गुप्त थे एवं विशिष्ट अतिथि द्वय कुमार तरल व डा सुभाष गुरुदेव थे | संचालन युवाओं की संस्था नवसृजन के अध्यक्ष डा योगेश गुप्त द्वारा किया गया | वाणी वन्दना श्रीमती कामिनी श्रीवास्तव, कुमार तरल व मुरली मनोहर कपूर द्वारा की गयी | 

                                 गोष्ठी का शुभारम्भ युवा कवि मुकेश द्वारा सरस छंदों से किया गया | फुरकत लखीम पुरी की गज़ल व अरविन्द झा के छंदों, डा योगेश गुप्त की अतुकांत आध्यात्मिक कविताओं, देवेश द्विवेदी देवेश के हास्य व्यंग्य व विशाल मिश्र की श्रृंगार रचनाओं सहित लगभग ३० रचनाकारों ने अपने अपने गीत, ग़ज़ल, काविताएं आदि सामयिक व विविध विषयक रचनाओं से गोष्ठी को सुरम्यता व ऊंचाइयां प्रदान की |
नव-सृजन संस्था के अध्यक्ष व गोष्ठी के संचालक डा योगेश गुप्त ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करते हुए गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं में साहित्य, संस्कृति व सरोकारों की आवश्यक उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया | विशिष्ट अतिथि द्वय द्वारा भी युवा कवियों की रचनाओं की प्रशंसा की गयी एवं |

                          मुख्य-अतिथि डा श्यामगुप्त ने अपने गीत, छंद व ग़ज़ल प्रस्तुति के साथ ही नवसृजन संस्था व युवा कवियों की श्रेष्ठ रचनाओं की प्रशंसा करते हुए कुछ साहित्य के पुरोधाओं द्वारा प्रचारित इस तथ्य को कि आज युवाओं की रचनाओं में श्रेष्ठता नहीं है को निराधार बताया | डा श्यामगुप्त ने कहा कि यद्यपि फेसबुक, ब्लॉग आदि अभिव्यक्ति की तमाम उपलब्ध सुविधाओं के कारण कुछ साहित्यिक श्रेष्ठता में गिरावट हुई है परन्तु युवाओं द्वारा उत्तम कोटि का श्रेष्ठ साहित्य भी सदा की भांति उपलब्ध है |

                              अध्यक्षीय वक्तव्य में साहित्यभूषण डा रंगनाथ मिश्र सत्य ने गोष्ठी में प्रस्तुत सभी रचनाओं पर विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करते हुए उनकी श्रेष्ठता की प्रशंसा की एवं सुन्दर छंद रचनाएँ प्रस्तुत की |
डा योगेश गुप्त द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया |

'नवसृजन संस्था की युवा ब्रिगेड ...'
युवा कवि ब्रिगेड

'मुख्य अतिथि , अध्यक्ष व विशिष्ट अतिथि द्वारा माँ सरस्वती को  माल्यार्पण'
माँ सरस्वती को माल्यार्पण



'कवि मुकेश का काव्यपाठ'
मुकेश के छंद
'नव सृजन के महामंत्री देवेश द्विवेदी का काव्य पाठ'
देवेश द्विवेदी का काव्यपाठ


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